Page Experience kya hai | Page Experience कैसे सही करे

Page-experience-kya-hai
Spread the love

 

Google हमेसा से user interface को आगे रखने का try करता है ये आपको जानना जरूरी है तभी आप जान पाएंगे Page experience kya hai. मतलब google ये चाहता है कि जब भी कोई इनसान कुछ भी गूगल के ऊपर  search करता है और उसके बाद जो रिजल्ट उसको दिखाया जाएगा उससे ऊस इनसान को संतुष्टि मिले।

Page Exprerience किसी भी Website या Webpage की Ranking में एक बड़ा Effect डालने जा रहा है मतलब की page experience एक बड़ा part बनने जा रहा है Google Ranking factor में

मान लीजिए आप किसी भी चीज के ऊपर जानकारी लेने के लिए google पर query लिख के अपने सर्च किया और उसके बाद जो 7 रिजल्ट गूगल ने दिखया उनमे से अपने रिजल्ट नंबर 2 पर क्लिक किया और अपने देखा जो अप देखना चाहते हो उसके बारे में अच्छी जानकारी नही है, ओर साथमे उस पेज खुलने में बहुत देर लगा रही है,

ओर इसलिए अपने रिजल्ट नंबर 2 को छोड़ के रिजल्ट नंबर 3 के ऊपर क्लिक किया और आपको बहुत अच्छा लगा और अपने बहुत जादा टाइम बिताया उस वेबसाइट के ऊपर।

ओर आपके जैसे ओर भी कुछ लोग एकहि जानकारी google से लेने के आने के बाद वो लोग भी आपकी तरह पहले 1नंबर या 2नंबर रिजल्ट पर क्लिक किया और अच्छा ना लगने की बजह से बाद में 3 नंबर रिजल्ट पर जादा समय बिताया तो गूगल के पास signal जाता है कि इस keyword पर 3 नंबर webpage सही है।

दोस्तो इस Article में बने रहिये में आप को सम्पूर्ण रूप से समझा ने बाला हुं Page experience क्या है, Page experience के बारे में Google algorithm update में क्या कहा है, Google ranking factor क्या है, Page experience signal क्या है, आपकी Website के लिए Google Page experience SEO कैसे करना है.|

Page Experience क्या है | Page Experience in hindi .

हमेसा की तरह गूगल ने पिछले सालयानि की 2020 में कुछ ज्यादा ही User experience को बढ़ावा दिया है क्यों कि google ये जनता है अगर user satisfied होता है तो ही सारा सिस्टम आगे बढ़ पायेगा।

ओर ऐसा करने के लिए Google जबरदस्त कुResearch और testing किये थे जिसमे गूगल ये पता लगाने की कौशिश किया था कि google के अंदर जो Webpage है उनसे User कैसे जोड़ रहै है,ओर User की उस Webpage में अनुभव कैसा है।

इन सारे Research के बाद google ने कुछ Metrics निकाले है हम जैसे Creators के लिए अगर आपकी website इन सारे Metrics को follow नही करते है तो तो आपका webpage की Page Experience खराब है ये google समझ लेगा। हाँ अब आपके brain मे ये चल रहा है कि Metrics या Page experience signals क्या हौ।

तो उसके बारे में नीचे बिस्तर से बताया हूं । मोटा मोटा तोर पे आप ये समझ लीजिये Page experience आपकी Website या Webpage की Report Card है और ये Card में Report भरेगा User ने ओर उसके जरिये Google ने आपकी Webpage की Ranking के ऊपर Impact डालने बाला है।

Google के कहने के मुताबीक आपको एक बात का जरूर से ध्यान रखना पड़ेगा अगर किसी एक की Website का page experience बहुत अच्छा है ओर content का quality खराब है, ठीक बिपरीत रूप से किसी दूसरे की Content की Qualityबहुत अच्छा है लेकिन Page experience में कुछ खराबी है तो इस समय जिनका Content अच्छा उनको Search रिजल्ट में आगे बढ़ाया जाएगा।

अगर आपको इन दोनों का एकसाथ लाभ उठाना है तो इस पोस्ट के साथ बने रहिये..

Google Page Experience Algorithm Update

गूगल ने 2020 में ही इस Update के बारे में घोषणा कर दी थी Update में बताया गया था May 2021 से Page experience Update Roll Out होना शुरू हो जाएगा लेकिन Covid की बजह से थोड़ा सा Date को आगे बढ़ाया अब ये June 2021 की 15 तारीख के आस पास से Roll Out होना शुरू हो जाएगा।

कितने दिन में ये total रूप से लागू होगा इसके बारे में Google अभी तक कोई सही जानकारी नही दिया है लेकिन ये बताया है कि August 2021 तक भी इसको सम्पूर्ण रूप से जोड़ा नही जाएगा।

कहना का मतलब 2021 की June से लेकर August तक Page experience कोslowly जोड़ा जाएगा.और हर एक Webpage या Website में total असर कब तक डालेगा इसके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी google ने अभी तक नही दिया है।

Google इसको apply करने में इतना Time क्यों लगा रहा है इसका बजह है गूगल ये चाहता है कि इसकी बजह से गूगल की Search Result कोई अनचाहा गड़बड़ी ना आ जाये

ओर साथ मे जिन सारे लोग Google के ऊपर creator के रूप में या फिर Developer के रूप में time कर रहे है उन लोगों को अच्छे से समय मिले उनकी website या webpage को improvement करने के लिये.

Page Experience Signals क्या है

Friends, हाल ही मे अगर अपने Google Search Console को अच्छे से देखा तो Experience Tab के अंदर सबसे ऊपर आपको Page experience नाम का एक section दिख जाएगा।

उसके अंदर Click करने के बाद आपको 5 Page experience signals दिखाई देगा। जब कि Old page experience में 4 Search signals हुआ करता था।

Page-Experience-Signals

 

अब ये नया जो page experience signal को जोड़ा गया है उसका नाम Core Web Vitals. ओर उसको सबसे ऊपर में जगह दी गई है। आइये एक नजर डालके देखते है इस लिस्ट को

1. Core Web Vitals

  • Largest Contentful Paint (LCP)
  • First Input Delay (FID)
  • Cumulative Layout Shift (CLS)

2. Mobile Usability

3. Security Issues

4. HTTPS Usage

5.Ad Experience

List को अगर आप अच्छे से देखेंगे तो total मिलाके 7 metrics काम करने बाला है जिससे आपको पता चले Page experience kya hai.

लेकिन ये list ही काफी नही है आपके लिए क्यों कि आपको इस list में जो बताया जा रहा है उसके बारे में अच्छे से Information होना जरूरी है आएये एक एक करके समझते है

1.Core web Vitals

Web vitals या Quality signal की एक सबसेट है core web vitals जो google की सभी page पर लागू होता है। अभी आप देख सकते हो इसको google search signals की सबसे ऊपर जगह दी गई है जब कि google ने इसको कुछ ही समय पहले लाया था।

Core web Vitals को SEO Metrics की एक ऐसा समूह मान सकते हो जिसकी Help से किसी भी Web page की Loading, Visual Stability ओर Interactivity को measure किया जाता है।

आपके Web page पर Core web vitals बनाने बाला Metrics time के साथ विकशित होगा लेकिन अभी के time जो तीन metrics मैने बताया हूं वो ही लागू होगा

Core-web-vitals

● Large Contentful Paint या LCP क्या है

Google के Core web vitals का सबसे पहला भाग है LCP यानि की Large Contentful Paint आईये थोड़ा समझते है इस part में क्या खास है।

जब भी कोई Web Page को मोबाइल से open किया जाता है तब ये score measure करता है कि किसी भी web page का अधिक से अधिक Content कितने समय मे दिखाई देता है

मान लीजिए अपने मेरा ही एक Link के ऊपर Click किये हो ओर उसके बाद मेरा उस Web page आपकी Browser में लोड हो रही है कुछ इस तरह

Page Experience kya hai _ Page Experience कैसे सही करे - Techsushil

अब इस time मेरा Web page की जो भी Element load होने में सबसे ज्यादा Time लेगा उस time को LCP स्कोर माना जायेगा। जिसका Maximum time गूगल ने बताया 2.5sec से ज्यादा नही होना चाहिए।

ओर उस Element को सबसे बड़ा Element माना जायेगा.if your LCP Score 4 Sec है. तो आपको google ने Need Improvement की सलाह देता है, ओर जिस case में LCP Score 4 Sec से ज्यादा है उस Page को Poor Category में डालता है।

अब ये Element आपका Logo हो सकता है या फिर Tittle, Text , Image, Paragraph, Video, Slider के saath saath Text font भी हो सकता है..

isase aap ye jaan लीजिए LCP Score सिर्फ 1 पूरे Website के लिये नही होता है बलकि उन Website की हर 1 Page ओर Post में Apply होता है।|

अब इस जगह पर ध्यान दीजिए आपका Webpage बहुत लंबा हो सकता है जैसे कि मेरा ये पोस्ट बहुत लंबा है तो सवाल आता है कि पूरा का पूरा Webpage load होने के time जो सबसे बड़ा Element है उसको LCP Score के रूप में Measure किया जाएगा ?

ऐसा नही है की सिर्फ Above the Fold Content के अंदर जो बड़ा Element load होने में ज्यादा time लेगा उस time को LCP Score की रूप में Measure किया जाएगा.

• Above the Fold Content क्या है

Above the fold content का मतलब किसी भी Web Page कितना भी long क्यों न हो लेकिन 1 Mobile की Browser में सबसे पहले उस Page का कुछ ही हिस्सा load होता है और जैसे ही आप Scroll करते हो तो बाकी का हिस्सा load होता है।

तो सबसे पहले जो Part Load होता है उसको कहते है Above the Fold Content..

तो मैंने क्या बताया 1 बार अच्छे से clear कर लीजिए किसी भी Web Page का Above the fold Content load होने के time जो सबसे बड़ा Element Load होने में सबसे ज्यादा time लेगा सिर्फ उस time को LCP Score कि रूप में Measure किया जाएगा।

में आशा करता हूं आप लोगो को Page Experience क्या है उसके बारे में धीरे धीरे पता लग रहा है।

● First Input Delay या FID क्या है 

अब आईए थोड़ा समझते है First input Delay या FID क्या है। इसको समझना थोड़ा आसान है।

जब भी कोई User किसी भी Web page को Visit करता है और उसके बाद उस Web page में जोड़ा गया किसी Link पे Click करता है तो इस समय ये Web Page उस User को उस link पे Redirect करने में कितना time लगा रहा है या फिर कितना Delay कर रहा है उस Milli Second को इस Web page की First Input Delay यानी की FID के रूप में Measure किया जाता है।

FID को Measure किया जाता है Second में नही सिर्फ Milli Second में.

ओर इस बात का ध्यान रख्खे उस link के अंदर जो Page है उसका load होना का time count नही किया जाएगा सिर्फ उस ही time को लिया जाता है जिस time के अंदर User को इस page से उस link में Shift कर रहा है या फिर ये page Action लेना शुरू करता है।

अब फिर से उस Page लोड होने का Metrics को Large Contentful Paint यानी की LCP में Measure किया जाएगा।

अगर आपका FID स्कोर 100 milli Sec के अंदर है तो Good, 300 milli sec के अंदर है तो Improvement की जरूरत है, अगर उससे ज्यादा होता है तो आपके लिए Red Signal.

● Cumulative Layout Shift या CLS क्या है जानते है

अब थोड़ा सा najar डालते है Cumulative layout shift या CLS क्या है.

जब भी कोई Web Page load होना शुरू होता है तो कुछ ऐसे blocks या element पहले load होता है जैसे कि 1 Button होता है सबसे पहले Button ऊपर में दिखाई दिया कुछ moment में Button थोड़ा सा नीचे आ गया उसके ऊपर Tittle दिखने लगा और भी कुछ time बाद Button ओर थोड़ा सा नीचे आ गेया ओर बीच मे Text दिखाई देने लगा।

तो ये जो Button इधर उधर जगह बदल रहा है उसको ही कहते है Cumulative Layout Shift (CLS)

अब google ने अच्छे से CLS को Measure kaise kare ये समझना थोड़ा मुसकिल है, तो उसके बारे मैंने अलग से आर्टिकल लिख रहा हूं.

अगर CLS Score आपका 0.1 के अंदर है तो बहत अच्छा, अगर 0.25 के अंदर है तो google ने Need Improvement करने के लिए बोलता है , अगर उससे ऊपर चला जाता है तो Poor category में डाला जाता है।

1 Web page में किसी Button , Iframe , Pop Up , Promo Banner, Search Bar या फिर Ads section जैसी Elements CLS score को create करने के साथ साथ बड़ा सकती है।

अब यह तक हम लोगों ने Page Experience का बड़ा भाग यानी की Core Web Vitas के बारे में काफी कुछ जान चुके होंगे।

NB – Core web vitals के अंदर जिन सारे Metrics यानी की LCP, FID ओर CLS Score के बारे में सिखाया हूं ये Score Mobile ओर Desktop में अलग अलग हो सकता है लेकिन google ने ये score सिर्फ Mobile के लिए Mesaure करेगा।

2. Mobile Usability

Google Search Console की Page Experience में दूसरे नंबर पर जगह दी गई है Mobile Usability को। Statista के Report के मुताबिक सारे दुनिया से सिर्फ Mobile फ़ोन के जरिये Website पर traffic आता है 54.8% .

ओर Review42 के रिपोर्ट के अनुसार सारे के सारे Search engine में से google अकेला ही 90% User को Cover करता है।

तो इसलिए google ने Mobile Usability को ज्यादा ध्यान देता है उसको लिए पहले से ही AMP को google ने लांच किया था।जब भी कोई User किसी भी Web page को mobile से open करता है तो Web page mobile में अच्छे से ओपन होना जरूरी है।

नही तो Page Experience की दूसरी Tab पर Error या Issue दिखाई देने लगेगा जिसके बदले Mobile Usability के साथ साथ Page Experience score में भी असर डालेगा।

अब ये असर डालने के लिये Web page की किसी Property , Elements , Small Text जिसे Text to Small Error नाम से जाना जाता है , किसी Plugin या Scrolling , View Port या फिर Click elements are to close बड़ा रोल निभाती है।

Page experience को अच्छे रखने के लिए आपका Web Page मोबाइल friendly होना जरूरी है। अगर आपका Blog Site भी है तो अच्छे से Blog Site कैसे बनाये उसके ऊपर भी ज्ञान होना जरूरी है। तो आप Blogging kaise kare in hindi के ऊपर मेरा जो Article है उसको पड़ सकते हो।

3. Security Issues

Page experience signals की तीसरा भाग में आता है Security Issues. ऐसे बहत सारे Website है जिसको Visit करने के लिए या उपयोग करने के लिए User को Registration करना पड़ता है दूसरी तरफ ऐसे Website आता है जिसके अंदर Online Product बेचा या खरीदने का काम होता है चाहे Product Digital हो या Physical.

इन सारे Website में User की personal details जमा होता है ऐसे में Website Owner की जिम्मेदारी होती है User Details को संभाल कर रखना। इस time अगर आपका website इन category में आता है तो आपको Security Issues को ध्यान में रखना पड़ेगा।

नही तो Security Issues के बजह से Page experience में bura असर पड़ सकता है

4. HTTPS Usage

आज के डेट में google ये चाहता है उनके Search Engine पर जितने भी Web Page यूजर को दिखया जाएगा उसमे HTTPS Usage हो रही है। किसी भी Web page में HTTPS Usage होने पर User के saath saath Google भी उस Page को Trust करता है।

User ओर google के नजर में किसी भी Web Page को secure तभी माना जाता है जब उसके अंदर SSL Certificate याने की HTTPS लगा हुआ रहता है।

अगर अपने Page experience signals में कोई गड़बड़ी नही चाहते हो तो आपकी वेबसाइट को हमेसा SSL Certificate से जुड़ कर रखे ।

5. Ad Experience

Ad experience को समझना बहत simple है, अगर आप खुद किसी Web page को visit करते हो और ये देखते हो कि इस पेज की सारा कुछ सही है मतलब झटके में load हो गया लेकिन Main Content visit करने में problem कर रही है तरह तरह की Ads.

या फिर उस web page में Content बहत कम है उसके बदले जादा मात्रा में Ads को लगाया गया है।

इन केस में User अगर disturb होता है Pop Up या full screen जैसे ads से ओर उसने बहत जल्द आपकी page को छोड़ कर चला जाता है तो आपका Bounce rate बढ़ जायेगा।

ओर ऐसा गलती Page Experience Signals को खराब करने में अच्छा Roll निभा सकती है।

Page Experience checker tools क्या है | Page Experience Measure tools

सम्पूर्ण Page experience को एक साथ Measure करने लिए कोई एक लोता tool से काम नही होगा। इसके लिए आपको अलग अलग कुछ tool को use करना पड़ेगा।

NB: Lab tools एक संभाबन Report निकाल ने की कौशिश करता है की आने बाला कोई भी User आपके Website से कैसा अनुभब ले सकता है ओर कोई Error है तो आने बाला User को भी उस error को झेलना पड़ेगा।

Field Tools ये Report प्रदान करता है आपकी Real या फिर अभी जो Live User आपकी Website को विजिट कर रहे है ऊ कैसा Experience ले रही है। इसको कहते है Real User Monitoring (RUM).

अब दोनों Report ही User friendly Data provide करता है।

अब बात करते है Page Experience checker tool क्या है

1.Google Search Console

इसके Help से आप Website या Web page की Page Experience के अंदर कोई Issue को खोज के निकाल सकते हो।

Core Web Vitals को Check कैसे करे

सबसे पहले आपको dhoondhana पड़ेगा आपकी कितनी Pages या Posts ने Core Web Vitals के oopar असर डाल रहा है? उसके लिये आपको Google search Console ओपन कीजिये और Page experience में click कीजिए और Core Web Vitals tab को चेक कीजिये।

google Search console में Core Web Vitals को छोड़ कर page experience की जितने Metrics है उसके Inside कोई भी error है तो देख सकते हो।

2.Page Speed Insights

Search console आपको सिर्फ एक या एक से अधिक पेज या पोस्ट का Error बता देगा लेकिन आपको हर एक पेज या पोस्ट की error कहा से create हो रहा है उसको जानने के लिये 1 के बाद 1 link को चेक करना पड़ेगा Page speed insights से। ये आपको Lab के साथ साथ Field Report भी बता देगा।

इसको आप Search Console से भी use कर सकते हो या फिर URL से भी सकते हो।

3.Lighthouse and Chrome Dev Tools

अपने Page speed insights के जरिये ये पता लगा लिया Core Web Vitals की kaun kaun सी page की kaun kaun सा Elements को सुधार करना है।

Lighthouse and chrome Dev tools को use करके आप ये पता लगा सकते हो exectly आपको किस जगह Action लेना चाथे हौ ओर उसको कैसे Fix करना है।

4.Web Vitals Chrome Extension

जब आप Web vitals chrome extension को अपने Desktop में Install कर लेंगे तो उसके मदत से Metrics की एक Real time data आप देख पाएंगे।

5.https://web.dev/measure/

अगर आपको Guide की जरूरत है तो सिम्पली टाइप web.dev/measure ओर उसके बाद आप link पेस्ट करके ये जान पाएंगे आपके Page experience में क्या problem है और उसके लिए अच्छे से Guide मिल जाएगा।

6.Lighthouse CI

आपकी Product में कुछ भी बदलाव करने से पहले आप Lighthouse CI को use करके पूल अनुरोध के help से Core Web Vitas Performance Check कर सकते हो।

लेकिन ये kaam हर कोई नही कर सकता है इसके लिए आपको अच्छे से Coding का ज्ञान होना जरूरी है क्यों कि इसको पहले Set-up करना पड़ता है।

Page Experience SEO कैसे करे | Google Page Experience SEO in hindi

इस bhaag में हम लोग जानेंगे Page experience SEO kaise kare क्यों कि जैसे ही ये Roll Out होने के बाद पूरी तरीके से लागू हो जाएगा तो आपका Website Page experience optimized होना जरूरी हो जाएगा।

बिपरीत रूप से देखा जाए तो google ranking factor में tike रहने के लिए आपको Page Experience SEO शिखनाही पड़ेगा।

Core Web Vitals SEO Kaise Kare

Page experience की सबसे main पार्ट Core web vitals SEO kaise kare इसका SEO Score सही करने के लिए इसके अंदर आने बाला 3 Metrics याने की LCP , FID ओर CLS Score को सही करना पड़ेगा।

Large Contentful Paint Score Improve कैसे करे | LCP Score Optimization in hindi

किसी भी Web Page की Above the fold Content लोड होने का समय सबसे बड़ा Element जो लोड होने में सबसे ज्यादा टाइम लगता है उस loading time को कहते है. LCP score तो najar डालते है. Large Contentful Paint Score Improve कैसे करते है।

ये बात सही है अगर ईमारत जितना भी बड़ा क्यों न हो अगर उसका नीब ओर प्लान सही रहेगा तो ही ऊ टिक पायेगा। ठीक उसही तरह आपका Website का नीब याने की Hosting सही रहेगा तो इन सारे झमेला आपको बहुत कम देखने के लिये मिलेगा।

अभी बक्त है आप अपने Hosting बदल लीजिये नही तो बाद में SEO सही करबाने के लिए कम से कम 20k से 25k खर्च करना पड़ सकता है।

नीचे में Bluhost ओर Hostinger दोनों का link दे रहा हूं आप चाहे तो आज ही रिश्ता जोड़ सकते हो। मेरा ये Website Hostinger में host है आप खुद इस page का LCP Score चेक करके देख सकते हो।

जैसे कि मैंने ऊपर में आपको बताता था Large contentful paint किसी भी Elements create कर सकता है तो आपको अलग अलग tool से check करना होगा आपके Web page में कोनसा ऐसा bada Elements है जो LCP Score को बड़ा रहा है।

उसको उस जगह से Replace करना है या Optimized करना हौ तो कीजिये नही तो अगर बिना उसको use किया work चल जाये तो उसको हटा दीजिये।

Large Contentful Score Improve कैसे करे

  • Featured image को हटा दीजिये ओर पोस्ट की पहला इमेज को Featured image की रूप में Use कर लीजिये
  • Slider use करने से बांचे
  • जादा Image मत लगाये
  • Animation को use न करे
  • Video Host ना करे
  • Text font ओर Text Size को Regular रखने की कोशिश करे
  • Java Script को Top part में use न करे क्यों कि 2 line के बीच Java script आने से Java script पहले Browser में load होता है उसके बाद Render होता है और दिखाई देने लगता है , ओर उसके बाद फिर से html css लोड होना शुरू होता है। अगर Java script को उसे करना ही है तो आप Attribute use को अच्छे से सिख के Java script use कर सकते है।
  • सिर्फ webp format का ही Image को use कीजिये। अब बहुत सारे Editor .webp format को support नही करता है तो इसके लिए नीचे दिये गई Code को copy करे ओर आप Theme editor में function.php के एकदम नीचे paste करके update कर दे तो आपका काम हो जाएगा

code

इन सारे Common Elements से LCP score बढ़ने के साथ साथ ओर भी कोई सारे Technical Elements भी है जो आपकी LCP Score में असर डाल सकती है इस तरह find out कीजिये और correction की कोशिश कीजिये।

First Input Delay Score Optimization कैसे करे | FID Score Optimization in hindi

पहले मैंने आपको बता दिया हु FID क्या होता है जब भी कोई User किसी भी page पर Visit करता है और उस page में जो others पेज link है उनमें से किसी एक लिंक पर click करने के बाद ऊ पेज Action शुरू करने तक टाइम को बोलता है FID.

अब ध्यान से ये भी देख लीजिए First Input Delay Score Optimization कैसे करे।

FID Score को सीधे Page Speed Insights से check नही कर सकते हो क्यों कि Page Speed Insights किसी भी Website की Home Page या Others किसी एक page का Lab Data देता है। जबकि कोई असली User ही एक page से दूसरे page पे जाने के लिए click करता है।

FID score के साथ संबंध होता है TBT score की जो TBT score Page Speed Insights से किसी भी page को चेक करने पर दिखाई देता है। अगर आपका TBT स्कोर सही है तो समझ लीजिए FID Score भी सही है।

अगर आपका TBT स्कोर 300 Milli Sec के अंदर है तो आपका FID score सही है उससे ज्यादा TBT score दिखा रहा है तो आपको FID Score Optimized करना पड़ेगा।

First Input Delay Score Optimization कैसे करे

  • Java Script Excicution Time को Reduce करना पडता है |

आपके Webpage में जितने भी Java Script होता है ऊ एक साथ Exicute होने के बाद ही काम करना शुरू करता है। तो इसलिए अनचाहा Java Script को मत use कीजिये उसको Compress कीजिये, उसको Optimize कीजिये।

  • CSS Optimized होना जरूरी है

CSS को भी जरूरत से ज्यादा use मत कीजिये। Minify कीजिये ,ऑप्टिमाइजेशन के साथ साथ Compress कर दीजिए

  • Minimize Main Thred

इसका Report आपको Page Speed Insights से मिल जाएगा Minimize Main Thred-Work नाम से उसको देख के आपके किस जगह Action लेना है उसके बारे में पता लग जायेगा।

  • Third Party Code को कम करना पड़ेगा

जब आप Google Analytics में आपकी वेबसाइट को Add करते हो और आपको Code मिलता है इस तरह की Code की बात कर रहा हूं मैं।जैसे कि Pinterest Code बहुत सारे लोगो ने Add करता है इन सारे Code आपकी website speed को less करती है तो जरूरत से ज्यादा Use मत करे

ओर भी bahut सारे Metrics है जिसको Find out करके आपको action लेना है।

Cumulative Layout Shift Score Optimization कैसे करे | CLS Score Optimization in Hindi

इसके बारे में भी मैंने बताया हूं जब भी कोई Elements पेज लोड होने के टाइम इधर उधर Shift होता है ऊ Element CLS Score को बढ़ाता है। तो अब Cumulative Layout Shift Score Optimization कैसे करे।

इसका calculation करना थोड़ा मुसकिल काम है, फिर भी आसान भाषा मे समझा देता हँ, मान लीजिए पहले एक page की Header के नीचे content load होने के बाद आप जब scroll करने के लिए जाते हो ठीक उसही time एक Ads की Pop Up आ जाने की बजह से आपका click Ads के ऊपर चला गया और Main Content थोड़ा नीचे चला गया।

अब इस समय Pop up open होने का time के साथ Main Content कितना Shift हुआ उस margin को मिलाके एक Metrics निकाला जाता है।

आपका CLS score 0.1 है तो Good अगर 0.25 है तो Improvement की जरूरत है अगर उससे भी ज्यादा है तो आपको Poor catagory मिलता है।

इसको आप google Doveloper tool याने की Dev टूल की मदत से पता लगा सकते हो। और उसके बाद सुधार कर सकते हो।

CLS Score Optimization कैसे करे

  • Pop Up Ads या बड़ा size Ads को कम use करे
  • Images की size सेट करे proper optimized images को use करे
  • Iframe का Size भी LCP score में असर डाल सकता है
  • Regular Text font ओर Text size को ही use करे
  • कोई ads code में ads show नही हो रहे तो उसे change करे

इन सारे Common Issue को छोड़ के ओर भी bahut सारे Part या Element आपके site में CLS Score को बड़ा सकते है उसको अलग अलग tools से find कीजिये और सुधारने की कौशिश कीजिये।

तो ये था Core Web Vital SEO इसके बाद ओर भी 4 point है जिसके ऊपर भी आपको काम करना पड़ेगा मेरा ये Page Experience kya hai post को पढ़ने के बाद

Mobile Usability

आपका Web site या web page मोबाइल friendly होना जरूरी है। इसके लिए सबसे पहले आपका Theme Responsive होना चाहिए, कोई भी Element में Horizontal Scrolling होना नही चाहिए सिर्फ Verticle Scrolling पर काम होना चाहिए।

ओर भी कुछ Issue है जिसको इन सारे Tool के मदत से ढूंढ के निकालो ओर Improve करे।

Security Issues

मैंने आप लोगोको पहले ही बताया हूं Security Issues में सबसे ज्यादा आपकी User की Data को सुरक्षित रखना पड़ेगा। इसके लिए जरूरी है अच्छे Hosting की नही तो अपने देखा कि छोटे Hosting कंपनी कभी भी बंद हो सकता है या आपके Data दुसरो को बेच भी सकते है।

HTTPS Usages

हमेशा SSL Certificate लगा होना चाहिए इधर भी अच्छे होस्टिंग का ही जरूरत है नही तो किसी किसी Page में SSL रहता है और किसी किसी Page में चोर देता है।

ओर आप पूरे time अगर Hosting की Problem में फसे रहोगे तो काम कब कोरोगे।

Ads Experience

Seedhee सी बात है ऐसा कोई Ads मत use कीजिये जिसके बजह से User Experience में असर पड़े या फिर Main Content से ज्यादा Ads लगाना बंद कीजिए।

FAQ about Page Experience

Page Experience kya hai?
Google की नेया Ranking factor

Google new algorithm updates क्या है
page experience है google की new algorithms updates

Page experience Roll Out date

google ने इस updates के बारे 2020 में Announce किया था जिसमे बताया गया था Page Experience को May 2021 से Roll out करना शुरू कर दिया जाएगा लेकिन फिर से google ने बताया इसको Mid June 2021 से Roll Out करना शुरू किया जाएगा।

Page experience SEO kaise kare

Page experience का SEO थोड़ा मुसकिल है लेकिन ना मुम्किन नही है । सबसे पहले Core Web Vital को सही करना पड़ेगा और बाकी चीज को थोड़ा थोड़ा चेंज करना पड़ेगा।

My Advise

दोस्तो छोटे बड़े जितनी भी Website या Web Page है सबको ही Page Experience Guidelines को follow करना पड़ेगा। तो मैं जैसे बताया हु ऐसे आपलोग Page Experience SEO कर सकते । कुछ पार्ट में कुछ Issue लगे रहेगा तो जितना Optimized किया जाए कर लीजिए और Hosting बड़ा रोल निभायेगा।

यह भी पढ़ें: ways to earn money in village | गांव में पैसे कमाने के तरीके | easy way to earn money | पैसे कमाने की सरल उपाय

Recommended For You

About the Author: Sushil

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

hi हिन्दी
X